bhimroda aspur dungarpur Rajasthan
*भीमरोड़ा गाँव, डूंगरपुर, राजस्थान: एक विस्तृत परिचय*
भीमरोड़ा गाँव, डूंगरपुर जिले की आसपुर तहसील में स्थित एक गाँव है, जिसमें कुल 148 परिवार रहते हैं। गाँव की आबादी 818 है, जिसमें 404 पुरुष और 414 महिलाएं हैं।
*जनसंख्या*
- कुल जनसंख्या: 818
- पुरुष: 404
- महिलाएं: 414
- 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे: 141
- साक्षरता दर: 64.55%
- अनुसूचित जाति: 0
- अनुसूचित जनजाति: 813
*लिंग अनुपात*
- लिंग अनुपात: 1025 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
- पुरुषों की संख्या: 404
- महिलाओं की संख्या: 414
- लिंग अनुपात का महत्व: यह अनुपात गाँव में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों को दर्शाता है।
*कामकाजी कर्मचारी*
- कुल कामकाजी कर्मचारी: 355
- पुरुष: 211
- महिलाएं: 144
- मुख्य कामकाजी कर्मचारी: 27
- पुरुष: -
- महिलाएं: -
- सीमांत कामकाजी कर्मचारी: 328
- पुरुष: 195
- महिलाएं: 133
*शिक्षा*
- गाँव में एक प्राथमिक स्कूल है।
- गाँव में शिक्षा सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अधिक उन्नत सुविधाओं के लिए आसपास के शहरों में जाना पड़ता है।
- साक्षरता दर: 64.55%
- पुरुष साक्षरता दर: 80.54%
- महिला साक्षरता दर: 48.98%
*स्वास्थ्य*
- गाँव में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है।
- गाँव में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अधिक उन्नत सुविधाओं के लिए आसपास के शहरों में जाना पड़ता है।
- गाँव में एक चिकित्सक और एक नर्स हैं।
- गाँव में एक दवाखाना है, जहां आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।
*आदिवासी परंपरा*
भीमरोड़ा गाँव में अधिकांश आबादी आदिवासी समुदाय से है, जो अपनी समृद्ध परंपरा और संस्कृति के लिए जाने जाते हैं। आदिवासी समुदाय की कुछ प्रमुख परंपराएं इस प्रकार हैं:
- *गोंद पेंटिंग*: आदिवासी समुदाय के लोग गोंद पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध हैं, जो उनकी कला और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- *नृत्य और संगीत*: आदिवासी समुदाय के लोग नृत्य और संगीत के शौकीन हैं, और उनके कई पारंपरिक नृत्य और संगीत हैं।
- *पारंपरिक त्योहार*: आदिवासी समुदाय के लोग कई पारंपरिक त्योहार मनाते हैं, जैसे कि होली, दिवाली, और दशहरा।
- *पारंपरिक भोजन*: आदिवासी समुदाय के लोगों का पारंपरिक भोजन मुख्य रूप से अनाज, सब्जियां, और मांस से बना होता है।
- *पारंपरिक कपड़े*: आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, जो उनकी संस्कृति और पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
*आदिवासी समुदाय की विशेषताएं*
- आदिवासी समुदाय के लोग प्रकृति के करीब रहते हैं और उनकी पूजा करते हैं।
- आदिवासी समुदाय के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बहुत महत्व देते हैं।
- आदिवासी समुदाय के लोग एकजुट और सहायक होते हैं।
- आदिवासी समुदाय के लोग अपनी भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए प्रयासरत हैं।
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