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*पंथाल गांव, डूंगरपुर: 100% आदिवासी आबादी से लेकर शिव मंदिर, अस्पताल, एयरपोर्ट तक की मुकम्मल गाइड*
राजस्थान के वागड़ अंचल में डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा तहसील का *पंथाल गांव* एक ऐसी जगह है जहां परंपरा और विकास साथ चलते हैं। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा ये गांव सिर्फ 586 लोगों का घर है, लेकिन इसकी 100% अनुसूचित जनजाति ST आबादी, प्राचीन शिव मंदिर और लगातार बेहतर होती सुविधाएं इसे खास बनाती हैं। ये ब्लॉग पंथाल के बारे में हर वो जानकारी देगा जो आपको चाहिए।
*1. पंथाल गांव: बुनियादी पहचान*
पंथाल *कवालीया डारा ग्राम पंचायत* के अंतर्गत आता है और बिछीवाड़ा ब्लॉक का हिस्सा है।
विवरण जानकारी
**जिला** डूंगरपुर, राजस्थान
**तहसील** बिछीवाड़ा
**ब्लॉक** बिछीवाड़ा
**पिन कोड** 314801
**जनगणना कोड 2011** 097515
**कुल आबादी** 586
**पुरुष** 300
**महिलाएं** 286
**कुल घर** 107
**0-6 साल के बच्चे** 121, कुल आबादी का 20.65%
**साक्षरता दर** 54.61%
**पुरुष साक्षर** 211
**महिला साक्षर** 109
**ST आबादी** 586 यानी 100%
**SC आबादी** 0
*2. आस्था का केंद्र: पंथाल का प्राचीन शिव मंदिर*
पंथाल की सबसे बड़ी पहचान यहां का *सदियों पुराना शिव मंदिर* है। गांव वालों के लिए ये सिर्फ मंदिर नहीं, आस्था और एकता का केंद्र है।
- *मान्यता*: मंदिर बहुत प्राचीन है और पीढ़ियों से लोगों की श्रद्धा का केंद्र रहा है
- *पूजा पद्धति*: श्रद्धालु भगवान शिव को दूध, बेलपत्र, धतूरा, फूल और मिठाई चढ़ाते हैं
- *खास मौके*: सावन के महीने, महाशिवरात्रि और सोमवार को यहां विशेष पूजा होती है
- *क्षेत्रीय महत्व*: कुनवालिया डारा, बोर का पानी, खेरवाड़ा जैसे आसपास के गांवों से भी लोग दर्शन करने आते हैं
*3. संस्कृति और जीवनशैली: वागड़ की झलक*
पंथाल की संस्कृति वागड़ क्षेत्र की मूल आदिवासी परंपराओं को संजोए हुए है।
- *पारंपरिक पहनावा*: पुरुषों की *पाग* सम्मान का प्रतीक है
- *पारंपरिक भोजन*: *दाल बाटी और चूरमा* हर त्योहार और शुभ काम का हिस्सा है
- *पारंपरिक गहना*: महिलाओं की *नथ* यहां की पहचान है
- *भाषा*: लोग आम बोलचाल में *हिंदी और मारवाड़ी* बोलते हैं
- *मुख्य त्योहार*: *रक्षाबंधन* को गांव में सामूहिक उत्सव की तरह मनाया जाता है। बहनें भाइयों को राखी बांधती हैं और पूरा गांव इस रिश्ते का जश्न मनाता है
- *खास व्यंजन*: त्योहारों पर घर-घर में मिठाइयां बनती हैं
*4. स्वास्थ्य सुविधा: अस्पताल कहां है*
- *गांव में*: *प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र PHC* साल 2005 में शुरू हुआ था
- *PHC में सुविधाएं*: सामान्य बुखार, सर्दी-जुकाम, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, संस्थागत प्रसव
- *Hospital Working Employee*: PHC में ANM, आशा सहयोगिनी, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय तैनात रहते हैं
- *बड़े अस्पताल के लिए*: गंभीर बीमारी में *जिला अस्पताल, डूंगरपुर* रेफर किया जाता है
- *डूंगरपुर अस्पताल में सुविधा*: सभी विशेषज्ञ डॉक्टर, ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, लैब, इमरजेंसी
- *पंथाल से दूरी*: डूंगरपुर लगभग 25-30 km दूर है
*5. रोजगार के अवसर: Rojgar Solutions*
पंथाल की 49.32% आबादी यानी 289 लोग कामकाजी हैं।
*मुख्य रोजगार:*
1. *खेती*: मक्का और चावल मुख्य फसल हैं। खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर है
2. *पशुपालन और डेयरी*: हर दूसरे घर में गाय-भैंस हैं। दूध बेचना आय का बड़ा जरिया है
3. *सरकारी योजनाएं*: मनरेगा के तहत गांव में तालाब, सड़क, नाली बनाने का काम मिलता है
4. *सरकारी नौकरी*: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी, स्कूल में चपरासी, शिक्षक, ग्राम पंचायत में सहायक
5. *नजदीकी शहर में काम*: डूंगरपुर में निर्माण कार्य, दुकानों पर नौकरी, छोटे कारखानों में मजदूरी के अवसर हैं
*6. शिक्षा: स्कूल से कॉलेज तक का सफर*
पंथाल में शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है। गांव में 3 स्कूल हैं।
स्कूल का नाम स्तर प्रबंधन शुरू हुआ
**Govt Senior Secondary School Panthal** 12वीं तक शिक्षा विभाग 1993 में पहला स्कूल
**G.P.S. Dara Fala** प्राइमरी लोकल बॉडी उपलब्ध
**S.Bh.P.S. Panthal** प्राइमरी प्राइवेट मान्यता प्राप्त उपलब्ध
*कॉलेज सुविधा*: 1995 में कॉलेज की सुविधा शुरू हुई थी। BA, BSc, BCom करने के लिए छात्र डूंगरपुर के सरकारी कॉलेज जाते हैं।
*7. कनेक्टिविटी: सड़क, बस, ट्रेन, पुलिस स्टेशन, एयरपोर्ट*
पंथाल अब मुख्यधारा से अच्छी तरह जुड़ चुका है।
सुविधा नजदीकी जगह पंथाल से दूरी कैसे पहुंचें समय
**बस स्टैंड** तलैया 3 km पैदल या बाइक से 10 मिनट
**पक्की सड़क** गांव तक 0 km बिछीवाड़ा-डूंगरपुर रोड से जुड़ा उपलब्ध
**रेलवे स्टेशन** डूंगरपुर 25-30 km बस या टैक्सी 45 मिनट से 1 घंटा
**पुलिस स्टेशन** बिछीवाड़ा थाना 10-15 km अनुमानित सड़क मार्ग 30 मिनट
**हवाई जहाज** महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, उदयपुर 110-120 km टैक्सी/बस से उदयपुर 3 से 3.5 घंटे
**पोस्ट ऑफिस** गांव में 0 km 2007 में शुरू उपलब्ध
*ट्रेन कनेक्टिविटी*: डूंगरपुर रेलवे स्टेशन उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉड गेज लाइन पर है। यहां से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद के लिए ट्रेन मिल जाती है।
*8. गांव का विकास: 1990 से 2015 तक की टाइमलाइन*
साल सुविधा मिली
**1990** पीने के पानी की सुविधा, हैंडपंप और बोरवेल
**1993** गांव का पहला सरकारी स्कूल शुरू
**1995** बिजली और कॉलेज की सुविधा आई
**2005** प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र PHC शुरू
**2007** पोस्ट ऑफिस खुला
**2011** टेलीफोन सुविधा पहुंची
**2014** हर घर शौचालय और रसोई गैस कनेक्शन
**2015** इंटरनेट सुविधा शुरू हुई
गांव में ड्रेनेज सिस्टम भी अब उपलब्ध है।
*9. ग्राम पंचायत और स्थानीय शासन*
पंथाल गांव *कवालीया डारा ग्राम पंचायत* द्वारा संचालित होता है।
- *सरपंच*: मंजुला गमेती | *ईमेल*: MANJULAGAMETI2020@gmail.com
- *ग्राम विकास अधिकारी/सचिव*: पुलकित तबियाद | *मोबाइल*: 9057946232
- *पंचायत भवन*: गांव में उपलब्ध है
- *पंचायत के अंतर्गत गांव*: बोर का पानी, कुनवालिया डारा, पंथाल
*निर्वाचित वार्ड सदस्य: 8 में से 7 की जानकारी*
वार्ड नं. नाम लिंग शिक्षा वर्ग
1 लोकेश ननोमा Male Illiterate ST
2 मगन लाल गमेती Male Illiterate ST
3 नानालाल गमेती Male Illiterate ST
4 सविता खराड़ी Female Illiterate ST
5 दुर्गा देवी गमेती Female Illiterate ST
6 NILL Male Illiterate ST
7 NILL Male Illiterate ST
_नोट: वार्ड 6 और 7 के सदस्यों का नाम सरकारी रिकॉर्ड में NILL दर्ज है। इसका मतलब सीट खाली हो सकती है।_
*10. विरासत और पर्यटन: डूंगरपुर संग्रहालय*
वागड़ क्षेत्र की संस्कृति को समझने के लिए *सरकारी पुरातत्व संग्रहालय, डूंगरपुर* जरूर जाएं। यहां 6वीं सदी की हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां, शिलालेख, प्राचीन सिक्के और पेंटिंग्स रखी हैं। डूंगरपुर राज परिवार ने इस संग्रहालय को बनाने के लिए जमीन और अपना निजी संग्रह दान दिया था।
*11. मौसम और आसपास के गांव*
- *आज का तापमान*: 39°C, आसमान साफ। अधिकतम 41°C न्यूनतम 30°C
- *Air Quality Index*: 92 US AQI, मॉडरेट। PM2.5: 21.0, PM10: 44.2
- *हवा*: 9 km/h की रफ्तार से हल्की हवा
*पड़ोसी गांव*: कुनवालिया डारा 0.0km, बोर का पानी 0.0km, खेरवाड़ा 0.9km, गुमानपुरा 0.9km, चेला 0.9km, चुंदावाड़ा 2.3km
*पंथाल: कल, आज और कल*
1990 में पीने के पानी से शुरू हुआ सफर 2015 में इंटरनेट तक पहुंचा। 100% आदिवासी आबादी वाला पंथाल गांव अपनी शिव मंदिर की आस्था, दाल बाटी की महक और मक्का के खेतों के साथ विकास की नई इबारत लिख रहा है।
सरकारी योजनाओं का लाभ, बढ़ती साक्षरता और सड़क-रेल-इंटरनेट कनेक्टिविटी ने गांव को बदल दिया है। फिर भी यहां के लोग अपनी जड़ों से जुड़े हैं।
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*जरूरी संपर्क*: किसी भी सरकारी काम, शिकायत या जानकारी के लिए ग्राम पंचायत सचिव पुलकित तबियाद से संपर्क करें। *मोबाइल*: 9057946232
*आपसे एक सवाल*: क्या आप पंथाल गांव से हैं? गांव का इतिहास सेक्शन अभी खाली है। अगर आपके दादा-परदादा से सुनी कोई लोककथा, आजादी की लड़ाई का किस्सा या मंदिर से जुड़ी कोई कहानी हो तो कमेंट में जरूर बताएं। आपके योगदान से ये ब्लॉग और समृद्ध होगा।
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